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फिर गरमाया बाड़मेर का सियासी माहौल, जान के खतरे के बीच विधायक भाटी की सुरक्षा बढ़ी

Ravindra Bhati Security: बाड़मेर जिले की शिव विधानसभा सीट से निर्दलीय विधायक रविंद्र सिंह भाटी की सुरक्षा एक बार फिर बढ़ा दी गई है। जयपुर पुलिस विभाग ने इंटेलिजेंस इनपुट के आधार पर एक अतिरिक्त PSO तैनात करने का निर्देश जारी किया है। भाटी को 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान जान से मारने की धमकी मिली थी, जिसके बाद कुछ समय तक सुरक्षा बढ़ाई गई थी। लेकिन जनवरी में अतिरिक्त पुलिसकर्मी हटा लिए गए, जिस पर भाटी ने सरकार पर राजनीतिक दबाव का आरोप लगाया था। फिलहाल वे मुंबई दौरे पर हैं और बाड़मेर लौटते ही उन्हें यह सुरक्षा दी जाएगी। 

फिर गरमाया बाड़मेर का सियासी माहौल, जान के खतरे के बीच विधायक भाटी की सुरक्षा बढ़ी
विधायक रविंद्र सिंह भाटी की सुरक्षा एक बार फिर बढ़ा दी गई है।

राजनीति में ताकत और खतरे अक्सर एक-दूसरे के आसपास ही चलते हैं। बाड़मेर की शिव विधानसभा सीट से निर्दलीय विधायक रविंद्र सिंह भाटी इन दिनों फिर उसी खतरे के साए में हैं। हाल ही में जयपुर पुलिस विभाग ने उनके लिए एक अतिरिक्त PSO की तैनाती का आदेश जारी किया है। यह फैसला इंटेलिजेंस इनपुट के बाद लिया गया, जिसमें उनकी जान को खतरे की आशंका जताई गई थी।

विधायक फिलहाल मुंबई में निजी दौरे पर हैं, लेकिन जैसे ही वे बाड़मेर लौटेंगे, उन्हें अतिरिक्त सुरक्षा मुहैया कराई जाएगी। बाड़मेर एसपी ने इस निर्देश को अमल में लेते हुए आवश्यक पुलिस बल तैनात करने की पुष्टि की है।

सोशल मीडिया धमकी के बाद बढ़ा था खतरा
रविंद्र सिंह भाटी का नाम उस वक्त चर्चा में आया था जब 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान उन्हें सोशल मीडिया पर जान से मारने की धमकी दी गई। एक वायरल वीडियो के ज़रिए यह संदेश भेजा गया, जिसने प्रशासन को अलर्ट कर दिया। माहौल पहले से ही चुनावी सरगर्मी से गर्म था और त्रिकोणीय मुकाबले ने हालात और तनावपूर्ण बना दिए थे।

इसके बाद भाटी की सुरक्षा बढ़ाई गई, लेकिन जनवरी 2025 में अचानक अतिरिक्त पुलिसकर्मी को हटा लिया गया। उसी दौरान विधायक ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पहले मुकदमे दर्ज किए गए, फिर सुरक्षा छीन ली गई, यह राजनीतिक दबाव का हिस्सा है।

एक स्वतंत्र स्वर, जो सुरक्षा के लिए भी निर्भर
रविंद्र सिंह भाटी राजनीति के उस स्वरूप का प्रतीक हैं, जहां पार्टी लाइन से बाहर खड़ा व्यक्ति जनता का प्रतिनिधि बनता है। वे जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय जोधपुर में छात्रसंघ अध्यक्ष रह चुके हैं, और 2023 में निर्दलीय चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे। ऐसे जनप्रतिनिधि जब जान को खतरा महसूस करते हैं, तो सवाल सिर्फ सुरक्षा का नहीं, लोकतंत्र की सेहत का भी होता है।

फिलहाल, भाटी के बाड़मेर लौटने पर अतिरिक्त सुरक्षा के आदेश जारी हो चुके हैं। लेकिन ये सुरक्षा क्या राजनीतिक ठंड में राहत दे पाएगी या फिर डर का साया और गहरा होगा, ये वक्त बताएगा।