Rana Sanga Controversy: राणा सांगा पर टिप्पणी से भड़की सियासत, संसद से सड़क तक गरमाया माहौल
Ramji Lal Suman comment: राणा सांगा पर सपा सांसद के बयान ने बढ़ाई सियासी गर्मी, लोकसभा में भाजपा सांसदों ने जताया विरोध, संसद से सड़क तक उबाल।

राजस्थान के महान योद्धा राणा सांगा को लेकर समाजवादी पार्टी (सपा) के राज्यसभा सांसद रामजी लाल सुमन की टिप्पणी ने सियासी गलियारों में बवाल खड़ा कर दिया है। जहां एक ओर भाजपा सांसदों ने इस बयान पर संसद में तीखा विरोध दर्ज कराया, वहीं करणी सेना के कार्यकर्ताओं ने सपा सांसद के घर का घेराव कर अपना आक्रोश भी ज़ाहिर किया।
राणा संगा के खिलाफ विपत्तिजनक बयान
लोकसभा में राजसमंद की सांसद और मेवाड़ राजघराने से जुड़ी महिमा कुमारी मेवाड़ ने शून्यकाल के दौरान यह मुद्दा उठाया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि राणा सांगा को लेकर राज्यसभा में जो बात कही गई, वह न केवल अपमानजनक है बल्कि ऐतिहासिक तथ्यों से भी परे है। उनका कहना था, "राणा सांगा ने इब्राहिम लोदी और बाबर के खिलाफ लड़ाई लड़ी थी, उन्हें किसी प्रमाण पत्र की आवश्यकता नहीं।" उन्होंने संसद सदस्यों को भी आड़े हाथों लिया और कहा कि जब राज्यसभा में यह बयान दिया गया, उसी वक्त इसका विरोध होना चाहिए था।
राणा सांगा सिर्फ मेवाड़ के नहीं, पूरे भारत के गौरव हैं
चित्तौड़गढ़ से भाजपा सांसद सीपी जोशी ने भी इस मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि राणा सांगा सिर्फ मेवाड़ के नहीं, पूरे भारत के गौरव हैं। उन्होंने तीखा हमला बोलते हुए कहा, "इतिहास से अनजान लोग तुष्टिकरण की राजनीति में देश के वीरों का अपमान कर रहे हैं।" जोशी ने आगे कहा कि राणा सांगा ने 100 युद्ध लड़े और सभी में विजय प्राप्त की। उन्होंने यह भी जोड़ा कि बाबर भारत दौलत खान के बुलावे पर आया था, न कि राणा सांगा के।
विवाद की जड़ में राज्यसभा में दिया गया रामजी लाल सुमन का बयान है, जिसमें उन्होंने कहा था कि राणा सांगा ने ही बाबर को बुलाया था। उन्होंने भाजपा नेताओं के इस कथन पर सवाल उठाया कि "मुसलमानों में बाबर का डीएनए है", और पलटवार करते हुए कहा, "अगर ऐसा है, तो तुम राणा सांगा की औलाद हो।"
राजनीतिक गर्मी के बीच राज्यसभा के डिप्टी चेयरमैन हरिवंश ने बयान को संसदीय मर्यादा के खिलाफ बताते हुए कहा कि अनुचित टिप्पणियों को रिकॉर्ड से हटा दिया जाएगा। लेकिन तब तक बहस अपने चरम पर पहुंच चुकी थी।