Rajasthan: भजनलाल सरकार पर भड़के डोटासरा, शिक्षा के मुद्दे पर दिखाया आइना, पढ़ें पूरी खबर
राजस्थान में शिक्षा के मुद्दों पर बीजेपी और कांग्रेस के बीच तीखी बहस चल रही है। गोविंद सिंह डोटासरा ने भजनलाल सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जिसमें शिक्षा की स्थिति और योजनाओं की कमी का जिक्र किया गया है।

जयपुर। राजस्थान में विधानसभा सत्र चल रहा है। जहां बीजेपी-कांग्रेस आमने-सामने हैं। इसी बीच कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने शिक्षा के मुद्दे पर भजन लाल सरकार को आड़े हाथ लिया है। उन्होंने लंबा-चौड़ा पोस्ट कर सरकार पर निशाना साधा। बता दें, बीते कई दिनों से प्रदेश में शिक्षा का मुद्दा जमकर उछाला जा रहा है। आए दिन शिक्षामंत्री मदन दिलावर भी बयान देते रहते हैं।
भजनलाल सरकार पर भड़के डोटासरा
शिक्षा के मुद्दे पर गोविंद सिंह डोटासरा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर ट्वीट करते हुए लिखा- बीजेपी सरकार ने ढेड़ साल के अंदर शिक्षा का बेड़ा गर्क करके रख दिया है। विभागकी निष्क्रियता बच्चों के भविष्य पर हावी है। उनका फ्यूचर बर्बाद किया जा रहा है। शिक्षा में नवाचार, विभागीय कार्यों और योजनाओं की क्रियान्वित की बजाय इनके मंत्रियों का काम सिर्फ ओछी बयानबाजी, टीका-टिप्पणी और पूर्ववर्ती सरकार पर दोषारोपण करने का रह गया। सरकार भले लाख दावे करती हो लेकिन असल में सच्चाई कुछ और ही है। शिक्षा सत्र 2024-25 समाप्त हो गया लेकिन खोखले दावों के सिवा धरातल पर एक भी काम नहीं हुआ।
"अभी तक सरकार ने नहीं किया एक काम"
डोटासरा यही नहीं रुके। उन्होंने आगे कहा, पूरा सत्र निकल गया लेकिन एक विद्यार्थी को यूनिफॉर्म और बैग की राशि नहीं मिली। जबकि 56 लाख विद्यार्थियों को नि:शुल्क यूनिफॉर्म और स्कूल बैग मिलना था। यहां तक 1382 पदों पर 7 महीने पहले हुए ऑनलाइन इंटरव्यू का अब तक परिणाम जारी नहीं हुआ। सत्र खत्म हो गया लेकिन महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में रिक्त पड़े 17 हजार से अधिक पदों में से एक पद नहीं भरा गया। विभागीय कार्मिकों की परीक्षा भी हुई, लेकिन 8 महीने बाद भी चयनित शिक्षकों को नियुक्ति नहीं मिली। सत्र खत्म हो गया लेकिन महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम स्कूलों की समीक्षा के लिए बनी कमेटी कोई निर्णय नहीं कर पाई। सरकार की गफलत और मंत्री द्वारा बार-बार अंग्रेजी स्कूलों को बंद करने की बयानबाजी से स्कूलों का नामांकन घट गया। राजकीय विद्यालयों का कुल नामांकन भी कम हो रहा है।
सत्र खत्म हुआ पर सरकार सोती रही- डोटासरा
गोविंद सिंह डोटासरा ने शिक्षा के मुद्दे पर सरकार पर योजनाएं पूरी न करने के आरोप लगाए हैं। उन्होंने आगे कहा, अभी 0 हजार से अधिक पदोन्नत व्याख्याताओं, उपप्राचार्यों, प्राचार्यों, जिला शिक्षा अधिकारियों का पदस्थापन नहीं हुआ। यहां तक शिक्षकों की भर्ती को लेकर सरकार पूरी तरह फिसड्डी रही। 2023-24 का RTE का अनुदान भी भजनलाल सरकार जारी नहीं कर पाई। कुलमिलाकर ये सरकार पूरी तरह से हर मोर्चे पर फेल हुई है।