राजनीति गरमाई, चित्तौड़गढ़ में कांग्रेस के भीतर ही उठने लगीं विरोध की आवाज़ें, बद्री जाट ने मंत्री दक पर बोला सीधा हमला
Rajasthan Congress: राजस्थान की चित्तौड़गढ़ की बड़ीसादड़ी सीट पर कांग्रेस के भीतर सियासी तनाव बढ़ गया है। कांग्रेस नेता बद्रीलाल जाट ने सहकारिता मंत्री गौतम दक पर तीखा हमला करते हुए कहा कि वह जनता की सेवा छोड़ पद की राजनीति कर रहे हैं। होली मिलन समारोह में जाट ने चेतावनी दी कि “अब कार्यकर्ता जाग गया है, मंत्री गांव में घुसने नहीं देंगे।”

राजस्थान की सियासत में इन दिनों चित्तौड़गढ़ की बड़ीसादड़ी विधानसभा सीट से उठ रही एक आवाज ने हलचल मचा दी है। कांग्रेस नेता और मौजूदा डेयरी चेयरमैन बद्रीलाल जाट ने प्रदेश सरकार में सहकारिता मंत्री गौतम दक पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि “मंत्री जनता के काम नहीं, पद की राजनीति कर रहे हैं।” उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, “कांग्रेस का कार्यकर्ता अब जाग गया है, और अगर यही रवैया रहा तो मंत्री गांव में घुस भी नहीं पाएंगे।”
‘जनता को छोड़ा, कुर्सी में रुचि ज्यादा’
बड़ीसादड़ी में होली मिलन समारोह के दौरान बद्री जाट ने मंत्री दक को डेयरी चेयरमैन बनने का न्यौता तो दिया, पर उसके बाद कटाक्ष करते हुए कहा कि मंत्री बनने के बाद वे जनता के बीच कभी नहीं आए। “उनकी पूरी रुचि अब डेयरी की कुर्सी में है, जनता के काम तो जैसे उनकी प्राथमिकता में ही नहीं हैं।”
‘फूट डालो और राज करो’ की हो रही राजनीति?
बद्री जाट ने आरोप लगाया कि मंत्री दक कांग्रेस के ही मजबूत कार्यकर्ताओं को झूठे मुकदमों में फंसाने की साजिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “जैसे अंग्रेज फूट डालकर राज करते थे, वैसी ही राजनीति मंत्री दक कर रहे हैं।” जाट ने जोर देकर कहा कि कार्यकर्ता अब समझ चुका है और अगली बार ऐसा नहीं होने देगा।
चुनावों की तैयारी और संगठन में बदलाव की बात
कार्यक्रम में पंचायत और जिला परिषद चुनावों को लेकर रणनीति पर चर्चा हुई। बद्री जाट ने कहा कि गांव-गांव में पदयात्रा निकालकर नए और जमीनी कार्यकर्ताओं को आगे लाया जाएगा। विधानसभा प्रभारी अभिमन्यु सिंह झाला ने भी संगठन को मजबूती देने के लिए ब्लॉक और मंडल स्तर पर बैठकों की घोषणा की।
राजनीतिक कटुता का लंबा इतिहास
2023 के विधानसभा चुनाव में बद्रीलाल जाट ने कांग्रेस से टिकट लेकर मंत्री गौतम दक को टक्कर दी थी। दक को जहां 1,03,177 वोट मिले, वहीं जाट को 91,379 वोट मिले। 11,739 वोट लेकर भारत आदिवासी पार्टी के प्रत्याशी ने समीकरण बिगाड़ दिया, और जाट को हार का सामना करना पड़ा। तब से दोनों नेताओं के बीच तल्खी जारी है।