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मदन दिलावर और हीरालाल नागर के बीच तीखी बहस, पंचायतों की गंदगी बनी वजह

Madan Dilawar Controversy: राजस्थान के पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने कोटा में समीक्षा बैठक के दौरान पंचायतों की सफाई व्यवस्था पर नाराजगी जताई। ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर से भी हुई तीखी बहस, झूठे आंकड़ों को लेकर दी कड़ी चेतावनी।

मदन दिलावर और हीरालाल नागर के बीच तीखी बहस, पंचायतों की गंदगी बनी वजह

कोटा में बुधवार को एक ऐसा दृश्य सामने आया, जिसने पंचायतों की कार्यप्रणाली और प्रशासनिक जिम्मेदारी पर बड़े सवाल खड़े कर दिए। पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने कोटा के यूआईटी सभागार में आयोजित संभाग स्तरीय समीक्षा बैठक में अपनी नाराजगी स्पष्ट शब्दों में जाहिर की। दिलावर ने बताया कि जब उन्होंने सुल्तानपुर की तीन पंचायतों का आकस्मिक निरीक्षण किया, तो वहां चारों ओर गंदगी का आलम था। ऐसे हालातों पर उन्होंने जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की, लेकिन इसके बाद एक नया मोड़ आया।

उन्होंने बताया कि दूसरे ही दिन संबंधित अधिकारी और जनप्रतिनिधि ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर के पास शिकायत लेकर पहुंच गए। शिकायत में कहा गया कि सरकार तो सफाई के लिए कोई फंड ही नहीं देती, ऐसे में पंचायतें सफाई कैसे कराएं। इस बयान ने दिलावर और नागर के बीच तीखी बहस को जन्म दिया। दिलावर ने जब सरकारी फंड की पूरी जानकारी सूची के साथ ऊर्जा मंत्री को भेजी, तब जाकर सच्चाई सामने आई और नागर ने स्वीकार किया कि उन्हें गलत जानकारी दी गई थी।

बैठक के दौरान मंत्री दिलावर ने कहा कि झूठे आंकड़ों की राजनीति अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि यदि स्वच्छता अभियान में लापरवाही जारी रही, तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। दिलावर ने साफ किया कि वह अब तक 50 ग्राम पंचायतों का निरीक्षण कर चुके हैं, लेकिन गिनती की ही पंचायतें हैं जहां कुछ हद तक काम हुआ है। बाकी जगह केवल कागजी खानापूर्ति हो रही है।

उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि उनका मकसद किसी को डराना नहीं, बल्कि ज़मीन पर बदलाव लाना है। मगर जो अधिकारी या जनप्रतिनिधि केवल बहाने बनाते हैं और झूठे आंकड़े पेश करते हैं, उनके खिलाफ कोई रियायत नहीं होगी।