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यूरिया महंगा, आय वही पुरानी! सांसद ओला का लोकसभा में सरकार पर वार

Brijendra Ola Lok Sabha Speech: लोकसभा में कांग्रेस सांसद बृजेंद्र ओला ने किसानों की आय, यूरिया की कीमत और डीएपी पर सवाल उठाए। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने दिया जवाब। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।

यूरिया महंगा, आय वही पुरानी! सांसद ओला का लोकसभा में सरकार पर वार

लोकसभा का सदन शुक्रवार को उस वक्त और गर्म हो गया जब राजस्थान के झुंझुनूं से कांग्रेस सांसद बृजेंद्र ओला ने किसानों की समस्याओं को केंद्र में रखते हुए तीखे सवाल दागे। उन्होंने सरकार से पूछा कि जब देश की सत्ता में आने से पहले किसानों की आय दोगुनी करने का वादा किया गया था, तो फिर क्यों आज भी किसान महंगे उर्वरकों के बोझ तले दबे हुए हैं?

प्रश्नकाल के दौरान ओला ने खासतौर से नीम कोटेड यूरिया, डीएपी की कीमतों, और उर्वरकों के बोरे के वजन में बदलाव को लेकर सवाल खड़े किए। उन्होंने संसद में आवाज उठाई कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में जहां डीएपी की कीमतें लगातार गिर रही हैं, वहीं भारत में इसका लाभ किसानों को क्यों नहीं मिल रहा?

उन्होंने पंजाब एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी की एक रिसर्च का हवाला देते हुए कहा कि नीम कोटेड यूरिया के इस्तेमाल से गेहूं और चावल की फसल में 25 से 30 प्रतिशत तक की पैदावार में कमी आई है, और पोषक तत्वों की मात्रा भी घटी है।

ओला ने यह भी सवाल उठाया कि पहले जहां डीएपी का बोरा 50 किलो का आता था, अब उसे घटाकर 45 किलो कर दिया गया है। इससे किसानों को कम सामग्री ज्यादा कीमत पर दी जा रही है।

सांसद के इन सवालों का जवाब देने सदन में केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्री जेपी नड्डा खड़े हुए। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार लगातार किसानों के हित में काम कर रही है। नड्डा ने दावा किया कि सरकार डीएपी और यूरिया पर 60 से 85 प्रतिशत तक की सब्सिडी दे रही है, ताकि किसानों को बोझ महसूस न हो।

45 किलो के उर्वरक बैग को लेकर भी उन्होंने तकनीकी कारणों और अंतरराष्ट्रीय मानकों का हवाला देकर सांसद को जवाब दिया। हालांकि, विपक्ष सरकार के इन तर्कों से संतुष्ट नजर नहीं आया और बहस तेज होती गई।