181 घंटे में 95% सवालों के जवाब, राजस्थान विधानसभा का बजट सत्र रहा ऐतिहासिक
Rajasthan Assembly Budget Session: राजस्थान विधानसभा का बजट सत्र 181 घंटे चला, जिसमें 10 अहम विधेयक पारित हुए और 95% सवालों के मिले जवाब। जानें क्या-क्या हुआ इस ऐतिहासिक सत्र में।

राजस्थान विधानसभा का बजट सत्र 31 जनवरी से शुरू होकर 24 मार्च को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया। इस दौरान सदन में 24 बैठकें हुईं और कुल 181 घंटे 52 मिनट तक कार्यवाही चली। सरकार ने बजट सत्र के दौरान पारदर्शिता और नवाचार पर जोर देते हुए कई महत्वपूर्ण विधेयकों को पारित किया। वहीं विपक्ष ने भी अपनी सक्रियता से चर्चा को धार देने का प्रयास किया।
सत्र के दौरान पेश हुए 12 विधेयक, 10 हुए पारित
इस सत्र में कुल 12 विधेयक प्रस्तुत किए गए, जिनमें से 10 विधेयक पारित किए गए जबकि 3 को प्रवर समिति को भेजा गया। प्रमुख विधेयकों में राजस्थान विधियां निरसन विधेयक-2025, विकास प्राधिकरण संशोधन विधेयक, मीसा बंदियों को पेंशन विधेयक और कोचिंग सेंटर नियंत्रण विधेयक शामिल रहे।
कोचिंग सेंटर विधेयक को लेकर सदन में व्यापक चर्चा हुई, जिसे बाद में समिति के पास भेज दिया गया। भूजल संरक्षण बिल को भी गहराई से विचार के लिए समिति के पास भेजा गया।
धर्मांतरण विधेयक पर चर्चा नहीं, कई प्रस्तावों पर मिली अनुमति
धर्मांतरण विरोधी विधेयक 2025 को सत्र में रखा गया, लेकिन चर्चा नहीं हो सकी। वहीं, इस बार 231 स्थगन प्रस्ताव मिले, जिनमें से 71 पर चर्चा का अवसर मिला। 337 विशेष उल्लेख प्रस्तावों में से 293 पढ़े गए और कई प्रस्तावों पर सरकार से जवाब भी प्राप्त हुआ।
आय-व्ययक पर 96 विधायकों ने रखे विचार
2025-26 का बजट 19 फरवरी को प्रस्तुत किया गया, जिस पर पांच दिन की बहस में 96 विधायकों ने भाग लिया। 27 फरवरी को उपमुख्यमंत्री द्वारा संशोधित बजट पर सरकार का जवाब दिया गया।
जनप्रतिनिधियों की भागीदारी और जवाबदेही रही प्रमुख
ध्यानाकर्षण के लिए प्राप्त 811 प्रस्तावों में से 804 सरकार को भेजे गए, जिनमें से 400 पर सरकार ने जवाब दिया। 767 पर्चियों में से 84 शलाका द्वारा चयनित की गईं, जो बताता है कि सत्र में जनप्रतिनिधियों ने सवालों से सरकार को जवाबदेह बनाने की कोशिश की।