राजस्थान में टैक्स चोरी मामला फिर आया, कैलेंडर ईयर खत्म होने के दौरान उठी खबर!
राजस्थान में एक बार फिर टैक्स चोरी का मामला सामने आया है। हाल ही में 10 करोड़ की टैक्स चोरी के मामले में चार्टर्ड अकाउंटेंट को गिरफ्तार किया गया था। जबकि जनवरी 2025 में भी 141 करोड़ की टैक्स चोरी का मामला देखा गया था।

कैलेंडर ईयर खत्म होने के बाद अब एक बार फिर से राजस्थान में टैक्स चोरी का मामला चर्चा में है। 10 करोड़ की टैक्स चोरी मामले में प्रदेश में चार्टर्ड अकाउंटेंट को अरेस्ट किया गया। जिसके बाद से एक बार फिर से ये मामला चर्चा में आ गया है। क्या है पूरी बात? जानिए...
राजस्थान में टैक्स चोरी का मामला आया सामने
राजस्थान में एक बार फिर टैक्स चोरी का मामला सामने आया है। हाल ही में 10 करोड़ की टैक्स चोरी के मामले में चार्टर्ड अकाउंटेंट को गिरफ्तार किया गया था। जबकि जनवरी 2025 में भी 141 करोड़ की टैक्स चोरी का मामला देखा गया था। अब एक बार फिर एसजीएसटी की एन्फोर्समेंट शाखा-प्रथम ने बड़ी कार्रवाई की है, जिसमें करोड़ों रुपये की फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) के इस्तेमाल और GST टैक्स चोरी के मामले में आरोपी को गिरफ्तार किया है।
राज्य टैक्स प्रवर्तन शाखा-प्रथम के अतिरिक्त आयुक्त शालीन उपाध्याय ने बताया कि बोगस फर्मों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत विभाग द्वारा विभिन्न फर्मों के वित्तीय लेन-देन की गहन जांच की गई। जांच के दौरान खुलासा हुआ कि ब्रह्मपुरी, जयपुर निवासी किशोर कुमार मूलानी ने अपनी फर्म मैसर्स गोविंद मेटल ट्रेडर्स एवं उनके पुत्र राहुल मूलानी की फर्म मैसर्स साहिल ट्रेडर्स का संचालन कर सुनियोजित तरीके से फर्जी फर्मों से बिना माल आपूर्ति किए केवल बिलों के आधार पर 9.55 करोड़ रुपये की फर्जी आईटीसी प्राप्त कर उसका दुरुपयोग किया।
टैक्स में हुई हानि, 53 करोड़ का मामला
अतिरिक्त आयुक्त ने बताया कि किशोर कुमार मूलानी ने राज्य के बाहर स्थित 27 फर्जी फर्मों से बोगस बिलों के माध्यम से लगभग 53 करोड़ रुपये की फर्जी खरीद दिखाकर राजस्थान में 9.55 करोड़ रुपये की आईटीसी का अनुचित लाभ लिया जिससे राज्य को भारी राजस्व हानि हुई। मामले में प्रवर्तन शाखा-प्रथम, जयपुर द्वारा किए गए सर्वेक्षण और विस्तृत जांच के बाद, मुख्य आयुक्त प्रकाश राजपुरोहित द्वारा जीएसटी अधिनियम, 2017 की धारा 69 एवं अन्य प्रासंगिक धाराओं के तहत आरोपी के विरुद्ध गिरफ्तारी आदेश जारी किया गया। अतिरिक्त आयुक्त शालीन उपाध्याय ने बताया कि इस मामले की विस्तृत जांच जारी है और आगे भी करोड़ों रुपये की कर चोरी उजागर होने की संभावना है।