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वक्फ संशोधन बिल पर छिड़ी बहस, असदुद्दीन ओवैसी ने तंज के जवाब में कहा अजमेर दरगाह का दीवान होता है सरकारी नौकर!

ईंद के मौके पर केंद्र सरकार द्वारा लाए गए वक्फ संशोधन बिल को लेकर लगातार बयानबाजी जारी है। संसद में इसको लेकर बहस हुई, तो असदुद्दीन ओवैसी ने इसपर बयान दिया। जिसपर तंज कसते हुए अजमेर शरीफ दरगाह के दीवान ने उनको इशारों में बयान दिया है।

वक्फ संशोधन बिल पर छिड़ी बहस, असदुद्दीन ओवैसी ने तंज के जवाब में कहा अजमेर दरगाह का दीवान होता है सरकारी नौकर!

देश की राजनीति में इस समय वक्फ संशोधन बिल को लेकर जो बयानबाजी चल रही है, वो चर्चा में बनी हुई है। असदुद्दीन ओवैसी ने इस पर बयान देकर मामला पर अपना रिएक्शन दिया है। अजमेर शरीफ दरगाह के दीवान वक्फ संशोधन बिल का साफतौर पर समर्थन कर रहे हैं। क्या है पूरा मामला? जानिए विस्तार में....

वक्फ संशोधन बिल पर छिड़ी बहस

ईंद के मौके पर केंद्र सरकार द्वारा लाए गए वक्फ संशोधन बिल को लेकर लगातार बयानबाजी जारी है। संसद में इसको लेकर बहस हुई, तो असदुद्दीन ओवैसी ने इसपर बयान दिया। जिसपर तंज कसते हुए अजमेर शरीफ दरगाह के दीवान ने उनको इशारों में बयान दिया है। वक्फ संशोधन बिल के खिलाफ असदुद्दीन ओवैसी लगातार बयान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि “ये विधेयक असंवैधानिक है। ये अनुच्छेद 14 (समानता का अधिकार), अनुच्छेद 25 (धार्मिक स्वतंत्रता), अनुच्छेद 26 (धार्मिक संस्थानों के प्रबंधन का अधिकार) और अनुच्छेद 29 (सांस्कृतिक और शैक्षिक अधिकार) का गंभीर उल्लंघन है। ये वक्फ बिल नहीं, बल्कि वक्फ बर्बाद बिल है। अगर चंद्रबाबू नायडू, नीतीश कुमार, चिराग पासवान और जयंत चौधरी इसकी तारीफ कर रहे हैं, तो वे अपने राजनीतिक हितों के लिए ऐसा कर रहे हैं। वे इसका समर्थन कर रहे हैं, लेकिन पांच साल बाद जनता को क्या जवाब देंगे? अगर हिंदू एंडोमेंट बोर्ड में कोई गैर-हिंदू सदस्य नहीं बन सकता, तो वक्फ बोर्ड में गैर-मुस्लिम को क्यों शामिल किया जा रहा है?” ओवैसी ने इस विधेयक को अल्पसंख्यक समुदाय के खिलाफ एक सुनियोजित साजिश करार दिया।

अजमेर दरगाह के दीवान ने दिया जवाब

अजमेर दरगाह के दीवान ने असदुद्दीन ओवैसी के बयान पर जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि अजमेर दरगाह का दीवान ख्वाजा एक्ट के तहत वह सरकारी कर्मचारी है और वह सरकार का नौकर है। उसको हर साल एक हाईकोर्ट के जजमेंट के अनुसार एक साल में डेढ़ करोड़ (1.5 करोड़ रुपये) मिलते हैं। उस दीवान से पूछा जाने चाहिए कि उसने मुस्लिम महिलाओं के लिए, मुस्लिम बेवा महिलाओं के लिए, मुस्लिम यतीम बच्चों के लिए उन्होंने कौन सी मदद की। 

2 अप्रैल को पेश हुआ बिल

वक्फ संशोधन विधेयक 2024 बुधवार को लोकसभा में पेश हुआ। इससे ठीक पहले ऑल इंडिया सूफी सज्जादानशीन काउंसिल के चेयरमैन और दरगाह दीवान के उत्तराधिकारी सैयद नसरुद्दीन चिश्ती का बयान सामने आया। चिश्ती ने कहना है कि लोग लंबे समय से इसका इंतजार कर रहे थे। लोगों को उम्मीद है कि एक अच्छा विधेयक आएगा। लोकतंत्र में विरोध करने का अधिकार सभी को है, लेकिन मुझे पता चला है कि विपक्ष की मुख्य आपत्तियों को सरकार ने स्वीकार कर लिया है। इसलिए यह एक बहुत अच्छा विधेयक होगा। अब वक्फ का पैसा आम और गरीब मुसलमानों तक पहुंचेगा। वहीं नसरुद्दीन ने यह भी कहा कि कई लोगों द्वारा यह भ्रांतियां फैलाई जा रही है कि इस बिल के पास होने के बाद मुस्लिम लोगों की दरगाह, कब्रिस्तान सहित कई संपत्तियां तबाह की जाएगी लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं है।