ब्यावर गैस लीक: दम तोड़ चुके तीन, दो की सांसें अब भी अटकीं जिंदगी और मौत के बीच
Beawar Gas Leak Update: ब्यावर में गैस लीक से अब तक तीन की मौत, दो की हालत नाजुक। हादसे के बाद गांव में पसरा मातम, सरकार ने की आर्थिक मदद की घोषणा।

राजस्थान के ब्यावर में एक भयानक हादसा सबके दिलों को झकझोर गया। सोमवार की रात सुनील ट्रेडिंग कंपनी में जहरीली गैस के रिसाव ने तीन जिंदगियों को लील लिया और कई परिवारों को गहरे दुख में डुबो दिया। इस हादसे की सबसे दुखद बात यह रही कि जिस फैक्ट्री से गैस लीक हुई, उसका मालिक सुनील सिंघल भी खुद जान गंवा बैठा।
रात करीब 10 बजे फैक्ट्री में खड़े टैंकर से अचानक गैस का रिसाव शुरू हुआ। चंद मिनटों में ही जहरीली हवा ने आसपास की बस्तियों को अपनी चपेट में ले लिया। लोग घबराकर घरों से बाहर निकले, कुछ को सांस लेने में दिक्कत हुई तो कुछ की आंखें जलने लगीं। उल्टियां, बेचैनी और बदहवासी ने पूरे इलाके को डर और अफरा-तफरी में बदल दिया।
सुनील सिंघल ने हालात को संभालने की पूरी कोशिश की, लेकिन गैस का असर उनकी सेहत पर भारी पड़ा। उन्हें तुरंत अजमेर के जेएलएन अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। अगले दिन नरेंद्र सोलंकी और दयाराम की भी सांसें थम गईं।
इस हादसे में 50 से अधिक लोग प्रभावित हुए। 22 मरीज अब भी अस्पताल में भर्ती हैं, जिनमें से 8 की हालत गंभीर बनी हुई है। बाबूलाल और लक्ष्मी देवी की हालत बेहद नाजुक है। वे अब भी अस्पताल के बिस्तर पर जिंदगी से लड़ रहे हैं।
गैस का असर सिर्फ इंसानों तक सीमित नहीं रहा। कई जानवर भी इसकी चपेट में आकर मारे गए, जिससे गांव का हर कोना एक अजीब सी खामोशी से भर गया है।
सहकारिता मंत्री अविनाश गहलोत ने अस्पताल पहुंचकर पीड़ितों का हाल जाना और मृतकों के परिवारों को एक लाख रुपये व घायलों को 25 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की।