राजस्थान में न्याय की बड़ी मिसाल, अजमेर कोर्ट ने जिला शिक्षा अधिकारी का ऑफिस किया सीज, शिक्षकों की मांगो को मिलेगा जवाब
Ajmer DEO Office Seized: राजस्थान के अजमेर में कोर्ट के आदेश पर जिला शिक्षा अधिकारी का ऑफिस सीज, 1.75 करोड़ की बकाया राशि को लेकर शिक्षकों ने सालों से लड़ी लड़ाई। पढ़िए पूरी खबर।

राजस्थान के अजमेर जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने ना सिर्फ शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं, बल्कि वर्षों से न्याय की राह तक रहे शिक्षकों की आवाज को सशक्त किया है। अजमेर स्थित जिला शिक्षा अधिकारी (प्रारंभिक शिक्षा) का ऑफिस कोर्ट के आदेश पर सीज कर दिया गया है, और अधिकारी के चेंबर से सारा फर्नीचर बाहर निकालकर ताला जड़ दिया गया है।
ये कार्रवाई यूं ही नहीं हुई। वर्ष 2015 से छह शिक्षकों का 1 करोड़ 75 लाख रुपये विभाग पर बकाया था। यह बकाया उनके सेवा परिलाभ, वेतन एरियर और सेवानिवृत्ति लाभ का था, जिसे पाने के लिए उन्होंने वर्षों तक चक्कर काटे। लेकिन विभाग ने ना सुनवाई की, ना ही कार्रवाई।
आखिरकार थक हारकर शिक्षक न्यायालय की शरण में पहुंचे। कोर्ट ने विभाग को आदेश दिए कि वह 30 सितंबर 2024 तक शिक्षकों की बकाया राशि लौटाए। विभाग ने एक और महीने का समय मांगा, लेकिन सात महीने बीत जाने के बावजूद कोई भुगतान नहीं किया गया। जब अदालत का धैर्य टूटा, तो सिविल न्यायाधीश उत्तर के मजिस्ट्रेट यश बिश्नोई के आदेश पर नजीर और उनकी टीम ने शिक्षा विभाग पर यह ऐतिहासिक कार्रवाई की।
कार्रवाई के बाद शिक्षिका हेमलता वर्मा ने कहा, “ये सिर्फ फर्नीचर नहीं था जो बाहर फेंका गया, ये हमारे वर्षों की अनदेखी और अपमान का जवाब था। हम सिर्फ अपने हक की लड़ाई लड़ रहे हैं।”
अब शिक्षा विभाग पर दबाव है कि वह शिक्षकों को उनका वाजिब हक जल्द से जल्द लौटाए। यह कार्रवाई ना सिर्फ शिक्षकों के लिए आशा की किरण बनी है, बल्कि उन सभी सरकारी कर्मचारियों के लिए भी एक संदेश है जो अपने अधिकारों के लिए लंबा इंतजार कर रहे हैं।