आग लगाई, भागा… पर पकड़ा गया! चित्तौड़गढ़ में तस्कर की चाल उलटी पड़ी, जलती कार से निकला 337 किलो डोडाचूरा
Opium Smuggling Case: चित्तौड़गढ़ में अफीम तस्कर ने इनोवा को लगाई आग, लेकिन नारकोटिक्स टीम ने मौके से 337 किलो डोडाचूरा जब्त किया और आरोपी को किया गिरफ्तार।

राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले में नशे के खिलाफ चल रही मुहिम ने एक बार फिर तस्करों की नींद उड़ा दी है। केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो कोटा की टीम ने बेगूं इलाके में एक ऐसी कार्रवाई को अंजाम दिया, जिसने साबित कर दिया कि अब तस्कर चाहे जितनी चालाकी दिखा लें, कानून की पकड़ से बच पाना मुश्किल है।
यह मामला बेगूं के बलवंत चौराहे के पास उस समय सामने आया, जब नारकोटिक्स की टीम को एक इनोवा कार में अफीम तस्करी की पुख्ता सूचना मिली। जैसे ही टीम ने वाहन को रोकने का प्रयास किया, आरोपी ने कार को तेजी से मोड़ते हुए भागने की कोशिश की और पालनपुर तिराहा की ओर गाड़ी दौड़ा दी। पीछा करते हुए टीम को जब शक गहराया, तब उन्होंने पूरी ताकत से वाहन का पीछा किया।
आश्चर्यजनक रूप से, खुद को घिरा देख तस्कर ने इनोवा कार में आग लगा दी, ताकि डोडाचूरा जलकर नष्ट हो जाए और सबूत मिट जाएं। लेकिन किस्मत ने उसका साथ नहीं दिया। टीम मौके पर पहुंची और आग से धधक रही कार का पिछला कांच तोड़कर 337 किलो 320 ग्राम डोडाचूरा के 8 बैग बाहर निकाल लिए। इसके साथ ही खेतों की ओर भाग रहे आरोपी को भी दबोच लिया गया।
बताया जा रहा है कि जब टीम ने कार को रोकने की कोशिश की, तो उसमें बैठे आरोपी के चेहरे पर घबराहट साफ नजर आ रही थी। शायद उसे अंदाजा नहीं था कि इस बार वो पकड़ा जाएगा। आरोपी के खिलाफ NDPS एक्ट 1985 के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है और पूछताछ की प्रक्रिया जारी है।
इस कार्रवाई के पीछे उप नारकोटिक्स आयुक्त नरेश बुंदेल की सतर्क निगरानी और टीम की तेजी ने अहम भूमिका निभाई। यह घटना न केवल तस्करों को सख्त संदेश देती है, बल्कि नारकोटिक्स विभाग के साहसिक रवैये की भी मिसाल बन गई है।