राजस्थान SI भर्ती घोटाला: SOG का बड़ा खुलासा, 15 लाख देकर हुआ था पेपर लीक! मोनिका जाट गिरफ्तार
Rajasthan SI Exam Scam: राजस्थान SI भर्ती परीक्षा 2021 के पेपर लीक मामले में SOG ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ट्रेनी सब-इंस्पेक्टर मोनिका जाट को गिरफ्तार किया. मोनिका ने 15 लाख रुपये देकर ब्लूटूथ के जरिए प्रश्नपत्र हासिल किया था और हाई स्कोर से नौकरी पाई थी. जब पेपर लीक गैंग के सरगना पौरव कालर की गिरफ्तारी हुई, तो मोनिका पुलिस ट्रेनिंग से फरार हो गई. लेकिन झुंझुनूं में जॉइनिंग के लिए पहुंचते ही SOG ने उसे धर दबोचा. राजस्थान में पेपर लीक घोटालों की जांच जारी है.

Rajasthan SI Exam Scam: राजस्थान सब-इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा 2021 के पेपर लीक मामले में एक और गिरफ्तारी हुई है. स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने मोनिका जाट, जो वर्तमान में झुंझुनूं पुलिस लाइन में ट्रेनी सब-इंस्पेक्टर के रूप में तैनात थी, को गिरफ्तार किया है. 25 वर्षीय मोनिका जाट, झुंझुनूं जिले के नवलगढ़ की निवासी है और उसने कथित तौर पर ब्लूटूथ डिवाइस के जरिए परीक्षा में नकल कर उच्च अंक प्राप्त किए थे.
SOG के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (ADG) विजय कुमार सिंह ने बताया कि मोनिका ने परीक्षा से पहले 15 लाख रुपये देकर पेपर लीक गिरोह के सरगना पौरव कालर से सौदा किया था. बता दें कि 15 सितंबर 2021 को अजमेर में हुई परीक्षा में उसे ब्लूटूथ के जरिए प्रश्नपत्र उपलब्ध कराया गया. परीक्षा में मोनिका को हिंदी में 200 में से 184 अंक और सामान्य ज्ञान में 200 में से 161 अंक मिले, जबकि इंटरव्यू में वह सिर्फ 15 अंक ही हासिल कर पाई.
पेपर लीक के सहारे बनी सब-इंस्पेक्टर
लिखित परीक्षा में बेहद उच्च अंक प्राप्त करने के चलते मोनिका का चयन सब-इंस्पेक्टर पद के लिए हो गया. लेकिन जब SOG ने मामले की जांच शुरू की और पौरव कालर की गिरफ्तारी हुई, तब मोनिका पुलिस ट्रेनिंग के दौरान ही राजस्थान पुलिस अकादमी (Jaipur) से फरार हो गई. हालांकि, बाद में वह झुंझुनूं पुलिस लाइन में जॉइनिंग के लिए पहुंची, जहां SOG ने उसे गिरफ्तार कर लिया.
SOG की सख्ती से खुल रही घोटाले की परत
राजस्थान में पेपर लीक मामलों की जांच तेजी से आगे बढ़ रही है. SOG पहले ही इस मामले में कई आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है और लगातार पेपर लीक नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश कर रही है.
यह गिरफ्तारी एक बार फिर सरकारी परीक्षाओं में भ्रष्टाचार और निष्पक्षता पर सवाल खड़ा करती है. राज्य में बेरोजगार युवा इस तरह की धांधली से नाराज हैं, क्योंकि मेहनत करने वालों की जगह धनबल और धांधली से चयनित उम्मीदवारों को तरजीह दी जा रही है.
अब आगे क्या?
SOG अब मोनिका जाट से पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि पेपर लीक नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल था. पौरव कालर गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है. इस पूरे मामले में और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं. राजस्थान सरकार अब परीक्षा प्रणाली में सुधार और सुरक्षा को लेकर नए सख्त कदम उठाने की योजना बना रही है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं रोकी जा सकें.