इमरजेंसी में 30 दिन जेल जाने वालों के लिए राजस्थान सरकार ने पारित किया ये विधेयक, सिर्फ एक क्लिक में जानिए डिटेल्स!
राजस्थान के मूल निवासी जो कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए सक्रिय रूप से लड़े और ऐसी गतिविधियों में भाग लेने के कारण मीसा या भारत रक्षा नियम, 1971 या दंड प्रक्रिया संहिता के अधीन जेल में निरुद्ध रखे गए थे। उन लोकतंत्र सेनानियों को सम्मान राशि, चिकित्सा सहायता एवं निःशुल्क परिवहन सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।

राजस्थान विधानसभा में उठाए जा रहे मुद्दे चर्चा में बने हुए हैं। साथ ही पक्ष और विपक्ष के बीच भी वाद-विवाद का सिलसिला जारी है। लेकिन इसके बीच ही राजस्थान लोकतंत्र के सेनानियों का सम्मान विधेयक 2024 भी चर्चा में रहा है। इस पर भी सदन में काफी बहस हुई। लेकिन ‘राजस्थान लोकतंत्र के सेनानियों का सम्मान विधेयक 2024'आखिरकार 21 मार्च को पारित हुआ। क्या है ये बिल, किसे मिलेगा फायदा और किसे नुकसान, जानिए इस आर्टिकल में...
‘राजस्थान लोकतंत्र के सेनानियों का सम्मान विधेयक 2024' हुआ पारित
राजस्थान विधानसभा में 21 मार्च को ‘राजस्थान लोकतंत्र के सेनानियों का सम्मान विधेयक 2024' पारित किया गया। लेकिन पारित होने से पहले इस पर खूब बहस हुई। मंत्री जोगाराम पटेल ने कहा कि भारत की पहचान पूरे विश्व में लोकतंत्र की जननी के रूप में थी, लेकिन आपातकाल कालावधि लोकतंत्र के लिए काला अध्याय बन गया। इसमें भारतीयों की आजादी छीन ली गई, न्यायपालिका की स्वतंत्रता पर भी अंकुश लगा दिया गया था। वो एक काला कालखंड था, लेकिन देश के लोकतंत्र सेनानी लोकतंत्र की सुरक्षा के लिए लड़ाई लड़ी जिससे लोकतंत्र को पुनः प्रवर्तित किया जा सका। हमारी सरकार उन्हीं सेनानियों और उनके परिवार के सम्मान के लिए हमेशा प्रतिबद्धता से खड़ी है। लेकिन फिर चर्चा के बाद विधेयक पारित हुआ।
किसे मिलेगा इसका फायदा
रिपोर्ट्स के मुताबिक, राजस्थान के मूल निवासी जो कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए सक्रिय रूप से लड़े और ऐसी गतिविधियों में भाग लेने के कारण मीसा या भारत रक्षा नियम, 1971 या दंड प्रक्रिया संहिता के अधीन जेल में निरुद्ध रखे गए थे। उन लोकतंत्र सेनानियों को सम्मान राशि, चिकित्सा सहायता एवं निःशुल्क परिवहन सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। राष्ट्रीय उत्सवों पर जिला मजिस्ट्रेट द्वारा उन्हें आमंत्रित किया जाएगा, इनकी मृत्यु होने पर पति/पत्नी को जीवन काल के लिए सम्मान राशि, चिकित्सा सहायता का प्रावधान किया गया है।
बताते चलें, संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने ये भी कहा है कि पूर्ववर्ती सरकार द्वारा साल 2019 में राजस्थान लोकतंत्र सेनानी सम्मान निधि नियम 2008 को निरस्त करने का निर्णय लिया गया था। इसके बाद वर्तमान सरकार ने 14 मार्च 2024 को इन नियमों को एक जनवरी 2024 से पुनः प्रभावित किया। संसदीय कार्य मंत्री ने ये भी बताया कि मौजूदा समय में राजस्थान में कुल 921 लोकतंत्र सेनानी एवं 219 दिवंगत लोकतंत्र सेनानियों के आश्रित हैं। यानी कि कुल 1140 लोकतंत्र सेनानियों एवं उनके आश्रितों को बीस हजार रूपए मासिक पेंशन एवं चार हजार रूपए मासिक चिकित्सा का प्रावधान है। जोगाराम पटेल ने कहा कि लोकतंत्र को बचाने के लिए जेल जाने वाले लोकतंत्र सेनानियों का सम्मान करना हमारा प्रथम कर्तव्य है।