टीकाराम जूली ने माधुरी दिक्षित को बताया सेकंड ग्रेड एक्ट्रेस...राजस्थान विधानसभा में मचा बवाल
Tikaram July Comment on Madhuri Dixit: राजस्थान विधानसभा में IIFA अवॉर्ड्स को लेकर तीखी बहस छिड़ गई. नेता टीकाराम जूली ने सरकार पर 100 करोड़ रुपये खर्च करने का आरोप लगाते हुए कहा कि इतने फंड से धार्मिक स्थलों का विकास किया जा सकता था. उन्होंने माधुरी दीक्षित को सेकंड ग्रेड अभिनेत्री कहकर विवाद खड़ा कर दिया, वहीं सोनू निगम ने सोशल मीडिया पर IIFA में नामांकन न मिलने पर नाराजगी जाहिर की. इस मुद्दे पर सियासत और फिल्मी जगत में गर्मागरम बहस जारी है. जानें पूरी खबर.

राजस्थान विधानसभा में IIFA अवॉर्ड्स को लेकर बुधवार को तीखी बहस देखने को मिली. विनियोग विधेयक पर चर्चा के दौरान विपक्ष के नेता टीकाराम जूली ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि इस समारोह पर 100 करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च किए गए, जबकि खाटू श्याम जी और गोविंद देव जी जैसे पवित्र स्थलों के लिए पर्याप्त बजट तक नहीं दिया गया.
IIFA में नहीं आए टॉप सितारे?
IIFA अवॉर्ड्स में शामिल हुए सितारों पर तंज कसते हुए जूली ने कहा कि इसमें बॉलीवुड के बड़े नाम नहीं थे. उन्होंने कहा, "सिर्फ शाहरुख खान ही एकमात्र टॉप ग्रेड अभिनेता थे. जब किसी ने माधुरी दीक्षित का नाम लिया, तो मैंने कहा कि अब वह सेकंड ग्रेड की अभिनेत्री हो चुकी हैं. उनका समय खत्म हो गया है." जूली की इस टिप्पणी के बाद राजनीतिक और फिल्मी जगत में हलचल मच गई.
इसके अलावा, उन्होंने इस कार्यक्रम से गायक सोनू निगम को दूर रखने की भी आलोचना की. जूली ने कहा, "सोनू निगम को IIFA में बुलाना चाहिए था. सरकार ने एक महीने पहले उन्हें इन्वेस्टर समिट में आमंत्रित किया था, लेकिन इतने बड़े फिल्मी आयोजन से बाहर कर दिया गया."
धार्मिक स्थलों पर खर्च को लेकर सवाल
विधानसभा में जूली ने भाजपा सरकार पर तंज कसते हुए कहा, "IIFA के लिए फाइल बुलेट ट्रेन जैसी तेजी से पास हो गई, लेकिन खाटू श्याम जी और गोविंद देव जी मंदिरों के लिए पर्याप्त राशि तक नहीं दी गई. यह आयोजन राजस्थान का प्रचार करने के लिए था या सिर्फ एक इवेंट बनकर रह गया?" इस बयान के बाद सत्ताधारी दल और विपक्ष के बीच बहस तेज हो गई.
सोनू निगम ने भी जताई नाराजगी
IIFA अवॉर्ड्स को लेकर विवाद तब और बढ़ गया जब गायक सोनू निगम ने सोशल मीडिया पर अपनी नाखुशी जाहिर की. जयपुर में हुए IIFA समारोह के बाद, उन्होंने नामांकन सूची की एक स्क्रीनशॉट साझा करते हुए लिखा कि 'भूल भुलैया 3' के गाने 'मेरे ढोलना 3.0' के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ प्लेबैक सिंगर की श्रेणी में नामांकित तक नहीं किया गया. अपने पोस्ट में उन्होंने व्यंग्यात्मक अंदाज में IIFA को धन्यवाद कहा, जिससे यह विवाद और गहरा गया.
राजनीतिक और फिल्मी जगत में इस मुद्दे को लेकर चर्चा तेज हो गई है. भाजपा सरकार IIFA आयोजन को एक बड़ी उपलब्धि के रूप में देख रही है, जबकि विपक्ष इसे सरकारी फंड की बर्बादी बता रहा है. आने वाले दिनों में यह विवाद और गहराने की संभावना है.