Jaipur में हुआ मेरठ जैसा हत्याकांड, प्रेमी के लिए पत्नी बनी हत्यारन, जानें अवैध संबंधों की पूरी कहानी
जयपुर और मेरठ में हुए हत्याकांडों ने पूरे देश को हिला कर रख दिया है, जहां पत्नियों ने अपने प्रेमियों के साथ मिलकर अपने पतियों की हत्या की। जानिए इन खौफनाक घटनाओं के पीछे की सच्चाई।

जयपुर। मेरठ में हुए सौरभ रस्तोगी हत्याकांड से पूरा देश स्तब्ध है। जहां सौरभ की दुश्मन और कोई नहीं बल्कि उसकी पत्नी निकली। मृतक ने पत्नी को प्यार देने में कोई कमी नहीं रखी थी। बावजूद इसके मुस्कान ने प्रेमी के साथ अपने ही पति को मौत के घाट उतार दिया। इस बात पर लोग अभी विश्वास नहीं कर पा रहे थे, जयपुर से भी एक ऐसा ही मामला सामने आया है। जहां एक महिला ने 5 साल से चल रहे अफेयर को छुपाने के लिए पति की जान ले ली। पुलिस ने केस का खुलासा करते हुए, आरोपी महिला और उसके ब्वॉयफ्रेंड को अरेस्ट कर जेल भेज दिया है।
जयपुर में हुआ मेरठ जैसा कांड
दरअसल, पूरा मामला जयपुर के नेवटा का है। जहां पुलिस को बीते दिनों एक अधजली लाश मिली थी। पुलिस शव की शिनाख्त कराने में जुटी थी, लेकिन मामले की तह तक पुलिस पहुंची तो सबके होश उड़ गए जानकारी के अनुसार शव धनलाल सैनी का था। जो सब्जी बेचकर परिवार का भरण-पोषण करता था। मृतक की बीवी गोपाली का दीनदयाल नाम के शख्स के साथ अवैध संबंध थे। दोनों 5 सालों से एक-दूसरे को जानते थे। पत्नी की हरकतों के कारण धनलाल को उस पर शक था। गोपाली नौकरी का बहाना ढूंढकर प्रेमी से मिलने जाती थी। उसने पति को बता रखा था, वह किसी फैक्ट्री में काम करती है। जब एक दिन धनलाल उसके बताए पर पहुंचा तो वहां गोपाली नहीं थी और न ही उसने कभी वहां काम किया था। आरोपित पत्नी प्रेमी के साथ कहीं दूसरी जगह काम करती थी। दोनों को धनीलाल ने साथ देख लिया था।
पति को रास्ते से हटाने की साजिश
धनीलाल को पत्नी के अवैध संबंधों के बारे में पता चल चुका था। इसके बाद गोपाली ने धनीलाल को रास्ते से हटाने की प्लानिंग बनाई और सुनसान जगह ले जाकर प्रेमी के साथ मिलकर हत्या कर दी। किसी को पता न चले। इसलि लाश प्लास्टिक बोरी में भरकर इधर-उधर घूमते रहे और फिर जंगल गए। जहां दोनों ने सबूत मिटाने के लिए लाश को आग के हवाले कर दिया। हालांकि अज्ञात वाहन के आने से दोनों अधजली लाश वहीं छोड़कर भाग गए। जब धनीलाल कई दिनों तक घर नहीं पहुंचे तो परिवारवालों ने पुलिस में तहरीर दी। तब कही जाकर घटना का खुलासा हो सका।